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कुपोषण घातक है पर आनंद जैसे बच्चों के लिए आप आशा की किरण बन सकते हैं ।

भारत में हर साल 5 साल से कम उम्र के 11.7 लाख बच्चों की संक्रमण और कुपोषण जैसे कारणों से मौत हो जाती है. इन बीमारियों की रोकथाम की जा सकती है, इसके बावजूद इनकी वजह से हमारे बच्चों की मौत हो रही है, जो कि शर्म का विषय है। Save the Children इन बच्चों की जान बचाने के लिए आपके हस्तक्षेप और अविलम्ब कार्रवाई का आग्रह करता है।

Save the Children, भारत और पूरे विश्व में बच्चों के लिए काम करने वाली सबसे विश्वसनीय संस्था है। 1919 में शुरुआत करने से लेकर आज तक हम पूरे विश्व में बच्चों की सुरक्षा , समुचित पोषण और विकास सम्बन्धी ज़रूरतों की दिशा में काम कर रहे हैं । वर्तमान में भारत के 19 प्रदेशों में हमारे कार्यक्रम चल रहे हैं और 2008 से अब तक हम 1.1 करोड़ से ज्यादा बच्चों की ज़िंदगी बदलने में सफल रहे हैं. यह संस्था भारत में बच्चों के स्वास्थ्य का स्तर सुधारने और उनको शोषण , दुर्व्यवहार आदि से बचाने और उनको उनके अधिकार दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध है।

वर्तमान सन्दर्भ में , छोटे बच्चों और माताओं की मृत्यु दर और रुग्णता को तेज़ी से कम करने की दिशा में प्रभावी पद्धति को स्थापित करना Save the Children की प्राथमिकता है. हमारे सदस्य हर रोज़ यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि बच्चे स्वस्थ रहें और एक सुखी बचपन का आनंद लें।

भारतीय आयकर प्राधिकरण के नियमानुसार, 80 G सर्टिफिकेट के लिए आपको अपना PAN नंबर जोड़ना आवश्यक है.

आपका डोनेशन 100% सुरक्षित है।

  • ₹800 के सहयोग से एक नवजात बच्चे के लिए तत्काल पोषण और चिकित्सा सम्बन्धी मदद (प्रायः जीवन रक्षक) मिल सकती है
  • ₹1600 के सहयोग से एक बच्चे को निरंतर शिक्षा और पोषण मिल सकता है

हम आपके लिए प्रतिबद्ध हैं

यदि आप अपनी सहयोग राशि या हमारे काम के बारे में कोई भी जानकारी चाहते हैं , तो कृपया पर संपर्क कीजिए, हम शीघ्रातिशीघ्र आपको जवाब देने का वचन देते हैं।

SAVE THE CHILDREN के बारे में

Save the Children भारत का अग्रणी स्वतंत्र बाल अधिकार संगठन है जिसने पिछले 13 वर्षों में 1.4 करोड़ से अधिक बच्चों के जीवन को प्रभावित किया है। 1919 में स्थापित, सेव द चिल्ड्रेन 2008 से भारत में एक स्वतंत्र इकाई के रूप में काम कर रहा है। सेव द चिल्ड्रेन कमजोर और कुपोषित बच्चो की सेहत में सुधार और उनकी मदद के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। एक सदी के अनुभव के चलते हम बच्चों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अनेकों प्रोजेक्ट चलाते हैं। हम बच्चों को एक स्वस्थ शुरुआत, सीखने के अवसर और शोषण से सुरक्षा प्रदान करते हैं। जब भी आपदाएं आती हैं, तो हम हमेशा सबसे पहले राहत कार्य शुरू करने वाली संस्थाओं में से होते हैं। हमारा लक्ष्य हर उस आखरी बच्चे तक पहुंचना होता है जिसे मदद की ज़रुरत हो। 2020 में सेव द चिल्ड्रन में हम 15 लाख से अधिक बच्चों तक पहुंचने में सफल हुए। हम आगे भी बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए काम करते रहने के लिए प्रतिबद्ध हैं।